भाभीजी का पेटीकोट ......
भाभीजी !
ये आपका पेटीकोट है,
नहीं जी ,
इसे कहते है शाया !
जिसमे छिपी है माया !!
जिसके पीछे मानव ,
पागल बनकर ,
अपना स्वास्थ्य,
बर्बाद करता है !
बुढ़ापा ,
कमर झुक जाये मगर !
बच्चो की तरह ,
आहे भरता है !!
इसका ही दूसरा ,
नाम है लंहगा !
जो मिलता है बड़ा ही महंगा !
जिसकी कीमत ,
पुरुष नहीं !
एक स्त्री ही दे सकती है !
कीमत ही क्या ,
चाहे तो,
कामदेव का गर्व भी ,
चूर कर सकती है !
जैसा भी है ,
इसका शुद्द नाम है ,
"पेटीकोट"
नर लिया करते है इसकी ओट !
तब कही सफल हो पाते है !
खभी कभी घायल हो जाते है !
यह कैसी अद्बुत माया ,
पहले इसको कहते थे शाया !
इसमें बड़े बड़े है खोट,
इसलिए इसका नाम पड़ा है "पेटीकोट" !!
भाभीजी !
ये आपका पेटीकोट है,
नहीं जी ,
इसे कहते है शाया !
जिसमे छिपी है माया !!
जिसके पीछे मानव ,
पागल बनकर ,
अपना स्वास्थ्य,
बर्बाद करता है !
बुढ़ापा ,
कमर झुक जाये मगर !
बच्चो की तरह ,
आहे भरता है !!
इसका ही दूसरा ,
नाम है लंहगा !
जो मिलता है बड़ा ही महंगा !
जिसकी कीमत ,
पुरुष नहीं !
एक स्त्री ही दे सकती है !
कीमत ही क्या ,
चाहे तो,
कामदेव का गर्व भी ,
चूर कर सकती है !
जैसा भी है ,
इसका शुद्द नाम है ,
"पेटीकोट"
नर लिया करते है इसकी ओट !
तब कही सफल हो पाते है !
खभी कभी घायल हो जाते है !
यह कैसी अद्बुत माया ,
पहले इसको कहते थे शाया !
इसमें बड़े बड़े है खोट,
इसलिए इसका नाम पड़ा है "पेटीकोट" !!
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